लखनऊ। मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षाएं दिनांक 22 फरवरी, 2024 से 09 मार्च, 2024 तक प्रस्तावित हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परीक्षाओं को शांतिपूर्ण व पारदर्शिता के साथ नकलविहीन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नकलविहीन परीक्षा कराना प्रदेश का ब्राण्ड हो गया है एवं इस ब्राण्ड इक्विटी को बरकरार रखना है। पिछले अनुभवों को देखते हुये त्रुटिरहित व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी जायें। संवेदनशील व अतिसंवेदशनील जनपदों व सेण्टर्स पर विशेष सतर्कता बरती जाये। एलआईयू के माध्यम से इन केन्द्रों की विशेष निगरानी रखी जाये।
उन्होंने कहा कि नकल पर अंकुश लगाने के लिये आवश्यकतानुसार धारा-144 लागू कराने सहित अन्य एहतियाती उपाय किये जायें। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति एवं उनका प्रशिक्षण समय से हो जाये। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिये सशस्त्र बल की तैनाती हो जाये। परीक्षा कार्य में बाधक तत्वों के विरुद्ध संज्ञेय अपराध के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये। अनुचित मुद्रण अथवा प्रकाशन तथा सोशल मीडिया आदि पर अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों पर कठोर कार्यवाही की जाये। परीक्षा समाप्ति के उपरान्त उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा केन्द्रों से संकलन केन्द्रों को अनिवार्य रूप से पुलिस अभिरक्षा में ही प्रेषित किया जाये।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केन्द्रों में प्रश्नपत्र पहुंचने के 03 दिवस पूर्व प्रधानाचार्य कक्ष से पृथक एक सुरक्षित कक्ष को स्ट्रांग रूम बनाया जाये, जिसकी 24X7 सीसीटीवी कैमरे द्वारा निगरानी रखी जाये। स्ट्रांग रूम एवं उसमें रखी डबल लॉक अलमारी को खोलने तथा लॉक व सील किये जाने की कार्यवाही स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक तीनों की उपस्थिति में ही की जाये। प्रश्न पत्रों की प्राप्ति की तिथि से ही स्ट्रांग रूम की 24X7 निगरानी हेतु जिलाधिकारी द्वारा आवश्यकतानुसार टीमें गठित करके निगरानी कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।
इसके अलावा उन्होंने परीक्षा अवधि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, परीक्षा केन्द्रों के चारों तरफ साफ-सफाई, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था आदि सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान बसों को निर्धारित समयानुसार नियमित संचालित कराया जाये और सम्बन्धित स्टाफ को परीक्षार्थियों के साथ सहयोग करने के लिये निर्देशित किया जाये।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की हाईस्कूल परीक्षा में 29,47,325 एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा में 25,77,965 कुल 55,25,290 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। कुल 8,265 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिनमें 566 राजकीय, 3479 सवित्त, 4220 वित्तविहीन विद्यालय हैं। सुरक्षा के उच्च मानकों के दृष्टिगत प्रश्नपत्रों की पैकेजिंग गत वर्ष की भांति 04 लेयर वाले टेम्पर्ड एविडंट लिफाफों में ही कराये जाने की व्यवस्था की गई है। उत्तरपुस्तिकाओं में सुरक्षात्मक क्यूआर कोड, लोगो, कवर पृष्ठ पर उनकी कोडिंग, पृष्ठ संख्या मुद्रित कराये जाने के साथ ही उन्हें गत वर्ष से पृथक चार अलग-अलग रंगों में मुद्रित कराया गया है। कक्ष निरीक्षकों हेतु प्रथम बार एक सुरक्षित क्यूआर कोर्ड एवं क्रमांक युक्त कम्प्यूटराइज परिचय पत्र तैयार कराया जा रहा है।
रबी सीजन की ई-खसरा पड़ताल की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि यह समयबद्ध कार्य है। सभी सर्वेयर कार्य करेंगे तभी सर्वे का कार्य नियत समय में पूरा होगा। उन्होंने कहा कि सभी सर्वेयर को एक्टिवेट कराकर उनके कार्यों का निर्धारण करा दिया जाये। जिन जनपदों में सर्वे की गति धीमी थी, वहां दैनिक समीक्षा कर प्रगति को बढ़ाया जाये।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने अर्ह आंगनबाड़ी सहायिका का आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में चयन की कार्यवाही अभी तक पूरा न होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अवशेष जनपदों को पदोन्नति की कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा कराने के कड़े निर्देश दिये, जिससे पदोन्नति के उपरान्त रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने की प्रक्रिया प्रारम्भ हो सके। उन्होंने कहा कि हॉट कुक्ड मील का बच्चों के न्यूट्रीशन में महत्वपूर्ण रोल होता है। जिन नॉन को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में हॉट कुक्ड मील का वितरण नहीं हो रहा हैं, वहां आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित कराते हॉट कुक्ड मील का वितरण शीघ्र प्रारम्भ करा दिया जाये।
उन्होंने जनपद के प्रत्येक ब्लाक में एक आंगनबाड़ी केन्द्रों को लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने के अवशेष कार्य को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिये। द्वितीय चरण में 31 मार्च, 2024 तक प्रति जनपद 75 आंगनवाड़ी केन्द्रों का कायाकल्प का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये सभी जनपदों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का चयन कर एक्शन प्लान बना लिया जाये और चयनित केन्द्रों के प्रधान, सचिव व सीडीपीओ को निर्मित लर्निंग लैब का एक्सपोजर विजिट कराया जाये।
उन्होंने कहा कि शहर से दूर गांवों में न्याय दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा 113 ग्राम न्यायालय को नोटिफाई किया गया है, जिसमें 82 न्यायालय क्रियाशील हो चुके हैं। अवशेष जनपदों द्वारा भी ब्लाक अथवा तहसील मुख्यालय में स्थान चिन्हित कर ग्राम न्यायालयों को क्रियाशील करा दिया जाये।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि मिशन में जिन जनपदों की प्रगति 90 प्रतिशत से अधिक है, उनके पास मौका है कि वह सबसे पहले मिशन से शत-प्रतिशत घरों को आच्छदित होने वाले जनपद के रूप में घोषित कर सकते हैं। इन जनपदों द्वारा गहन समीक्षा कर मिशन के तहत शत-प्रतिशत परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिये माइक्रो प्लान तैयार किया जाये। इसके अलावा जिन जनपदों में भूमि संबंधित विवाद लम्बित हैं, उनका हल सम्बन्धित लोगों से वार्ता कर अथवा वैकल्पिक तरीके से किया जाये। इसके अलावा मिशन के तहत सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पंचायत भवनों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के कार्य में भी तेजी लायी जाये।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 2,63,62,116 परिवारों के सापेक्ष 76.77 प्रतिशत (2,02,38,746) परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। महोबा, ललितपुर, मिर्जापुर, झांसी, बांदा, बागपत, कानपुर देहात, चित्रकूट, शामली व हमीरपुर की प्रगति 92 प्रतिशत से अधिक है।
मुख्य सचिव ने श्री रामजन्म भूमि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के सफल और शानदार कार्यक्रम के लिये जनपद अयोध्या के मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन सहित पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की ताकत को प्रदर्शित किया गया, जिसकी तारीफ हर जगह से लोगों ने की।
इससे पूर्व, जिलाधिकारी बिजनौर श्री अंकित अग्रवाल ने आकांक्षात्मक जनपद एवं ब्लॉक कार्यक्रम पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि जनपद में दो आकांक्षात्मक ब्लाक है-नजीबाबाद और कोतवाली। इन ब्लॉक्स में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, समाजिक विकास सहित अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। सभी विद्यालयों को बालिकाओं के लिये शौचालय से संतृप्त किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 162 से बढ़कर 259 तथा हेल्थ वेलनेस सेण्टर्स की संख्या 61 से बढ़कर 80 हो गई है। 4 एफपीओ कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार स्वयं सहायता समूह से 66000 परिवारों को जोड़ा गया है। नगीना की काष्ठ कला को बढ़ावा, थीम टूरिज्म और बिजनेस ग्रोथ के लिये भी रणनीति तय करते हुये कार्य कराये गये।
बैठक में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव नमामि गंगे श्री अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नियोजन श्री आलोक कुमार, प्रबंध निदेशक जल निगम (ग्रामीण) डॉ0 बलकार सिंह सचिव कृषि डॉ0 राज शेखर, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग सुश्री सरनीत कौर ब्रोका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

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