मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ विगत 06 वर्षां के दौरान उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रयास हुए हैं। वित्त मंत्री श्री सुरेश खन्ना जी द्वारा आज विधान सभा में उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ आबादी के विकास तथा कल्याण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट के लिए वित्त मंत्री, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री प्रशान्त त्रिवेदी तथा उनकी टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट अमृतकाल का पहला बजट है। यह उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने तथा प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप आगामी 05 वर्षां में राज्य को 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लिए नींव का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री जी विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत हो जाने के उपरान्त विधान भवन स्थित तिलक हॉल में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य है। प्रदेश में पिछले 06 वर्षां के दौरान एक निश्चित थीम के साथ बजट प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रस्तुत किया गया बजट प्रदेश के ‘अन्नदाता किसानों’ को समर्पित था। वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रस्तुत बजट प्रदेश के ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास’ को समर्पित था। वित्तीय वर्ष 2019-20 का बजट ‘महिला सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलम्बन’ की भावना के साथ ‘मिशन शक्ति’ के लिए समर्पित था। वित्तीय वर्ष 2020-21 में सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना के दौरान प्रस्तुत बजट प्रदेश की ‘युवा शक्ति, उनके कौशल विकास, रोजगार तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट’ तथा महामारी के दौरान भी प्रदेश में रोजगार की सम्भावनाएं बाधित न हों, इसके लिए समर्पित था। वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट प्रदेश के समग्र विकास को ध्यान में रखकर ‘स्वावलम्बन तथा सशक्तीकरण’ के लिए समर्पित किया गया था। वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट ‘अन्त्योदय से आत्मनिर्भरता’ का बजट था। वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रदेश के ‘त्वरित, सर्वसमावेशी और समग्र विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव को सुदृढ़ करने वाला’ बजट है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रस्तुत बजट का आकार 06 लाख 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक (6,90,242.43 करोड़ रुपये) का है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 03 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया था। विगत 06 वर्षां में प्रदेश के बजट में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है। इस दौरान प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय दोगुने से अधिक हुई तथा जी0डी0पी0 में भी दोगुने से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। इस दौरान प्रदेश में बजट के दायरे को बढ़ाया गया है। यह उत्तर प्रदेश के अनुरूप है। यह बजट अर्थव्यवस्था को विस्तार देने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव में लोक कल्याण संकल्प पत्र के माध्यम से प्रदेश की जनता से किये गये 130 वायदों में से 110 को इस बजट में समाहित किया गया है। 64 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लोक कल्याण संकल्प पत्र में घोषित संकल्पों के लिए समर्पित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में अर्थव्यवस्था के दायरे को विस्तार देने के लिए अनेक कदम उठाये गये हैं। राज्य में कर चोरी को रोका गया है। वित्तीय अनुशासन व बेहतर वित्तीय प्रबन्धन के लिए शासन, प्रशासन तथा विभागीय स्तर पर कार्य किया गया है। इसका परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में राजस्व कर के रूप में प्राप्त 86 हजार करोड़ रुपये के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022-23 में मार्च, 2023 तक राजस्व कर के रूप में 02 लाख 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की प्राप्ति का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में सेल्स टैक्स व वैट से लगभग 51 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी। वर्तमान में सेल्स टैक्स व वैट के स्थान पर जी0एस0टी0 लागू है। इस वित्तीय वर्ष के अन्त में जी0एस0टी0 से धनराशि के बढ़कर 01 लाख 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रदेश में स्टेट एक्साइज से 12 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इसके माध्यम से 45 हजार करोड़ रुपये की प्राप्ति का अनुमान है। यह प्रदेश में राजस्व कर चोरी रोकने के प्रभावी उपाय किये जाने तथा राजस्व संग्रह की पारदर्शी व्यवस्था लागू किये जाने से सम्भव हो पाया है। विगत 06 वर्षां में राजस्व में वृद्धि प्रदेश की जनता पर बिना कोई अतिरिक्त कर लगाये हुई है। जबकि इस दौरान पेट्रोल-डीजन पर वैट की ड्यूटी को कम किया गया। प्रदेश में आज डीजल व पेट्रोल किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सस्ता है। इससे राज्य में आवश्यक उपभोक्ता वस्तुएं महंगी नहीं हुईं और आम जनमानस को महंगाई से राहत मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश रेवेन्यु सरप्लस स्टेट है। इस कारण प्रदेश देश में बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर देने में सफल हुआ है। आज प्रस्तुत बजट में वित्तीय अनुशासन का पूरा पालन किया गया है। इसमें कुशल वित्तीय प्रबन्धन की झलक मिलती है। इसमें राजकोषीय अनुशासन को बनाये रखा गया है। एफ0आर0बी0एम0 एक्ट के अन्तर्गत राजकोषीय घाटे की निर्धारित सीमा से कम 3.24 प्रतिशत रखने में सफलता मिली है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के स्वयं के राजस्व से योगदान 33 प्रतिशत था। शेष की पूर्ति ऋणों अथवा केन्द्र सरकार के माध्यम से होती थी। आज बजट का आकार दोगुने से अधिक होने के बावजूद, इसका 45 से 46 प्रतिशत भाग स्वयं के राजस्व से प्रदेश प्राप्त कर रहा है। बजट का बड़ा हिस्सा राज्य सरकार अपने स्वयं के स्रोतों से वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में 20 प्रतिशत से अधिक वित्त पोषण ऋणों के माध्यम से होता था। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में यह मात्र 16 प्रतिशत रह गया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में पुराने ऋणों के भुगतान में 08 प्रतिशत बजट खर्च होता था। बेहतर वित्तीय प्रबन्धन के कारण आज मात्र 06 प्रतिशत बजट पुराने ऋणों के भुगतान के लिए उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में बेरोजगारी दर आज मात्र 04 प्रतिशत रह गयी है। प्रदेश में रोजगार की सम्भावनाएं बढ़ीं हैं, नये रोजगार सृजित हुए हैं। प्रदेश के औद्योगिक निवेश के बड़े आधार एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स को पुनर्जीवित किया गया है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ ने प्रदेश को निर्यात के हब के रूप में विकसित किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य में केन्द्र से जुड़ी अनेक योजनाओं को लागू करने के परिणामस्वरूप प्रदेश का ऋण जमा अनुपात (सी0डी0 रेशियो) बेहतर हुआ है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में यह मात्र 46 प्रतिशत था। यह आज 55 प्रतिशत है। यह प्रदेश की वर्तमान वित्तीय स्थिति को भी दिखाता है। वर्ष 2012-17 के बीच प्रदेश में कुल 05 लाख 90 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित हुए थे। वहीं, वर्ष 2017-22 के बीच उद्यमियों, कृषकों तथा एम0एस0एम0ई0 के विभिन्न सेक्टरों को 09 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया गया है। आज प्रस्तुत बजट में एक बड़ा भाग कैपिटल एक्सपेंडिचर का है। यह धनराशि प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खर्च होगी, जो रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 05 एक्सप्रेस-वे क्रियाशील हैं। वर्तमान में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे तथा गंगा एक्सप्रेस-वे पर कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रस्तुत बजट में झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे को चित्रकूट से जोड़ने के लिए चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की घोषणा की गयी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में 04 औद्योगिक क्लस्टर तथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे में 02 औद्योगिक क्लस्टर के विकास हेतु बजट में प्रस्ताव किया गया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे में भी औद्योगिक गलियारे की घोषणा की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के निजी नलकूप से जुड़े हुए अन्नदाता किसानों को पिछले बजट में विद्युत बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी गयी थी। आने वाले समय में इसमें 100 प्रतिशत छूट देने के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भारत सरकार तथा जर्मन सरकार की सहायता से एक ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजना का प्रस्ताव किया गया है। रिन्यूएबल एनर्जी को प्रोत्साहित करने तथा नेट जीरो की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व वाराणसी तथा लखनऊ के 02 एयरपोर्ट पूर्ण तथा 02 एयरपोर्ट आंशिक रूप से क्रियाशील थे। आज प्रदेश में 03 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट सहित 09 एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील हैं। 02 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं। अगले एक से डेढ़ वर्ष में प्रदेश में 21 एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील होंगे। प्रदेश में आगरा तथा वाराणसी में साइंस सिटी तथा नक्षत्र शाला की स्थापना के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रस्तुत बजट में परिवहन निगम की 1000 नई बसों के क्रय के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। परिवहन निगम के बस स्टैण्ड के लिए 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था प्रस्तावित है। राज्य की इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल पॉलिसी के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है। सड़कों के निर्माण, इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी, जनपद मुख्यालयांं में सड़क व सेतु निर्माण के लिए बजट में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव है। इनके अनुरक्षण के लिए भी 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव किया गया है। राज्यमार्गां के चौड़ीकरण के लिए 2,588 करोड़ रुपये, प्रमुख जिला मार्गां के चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 2,538 करोड़ रुपये, प्रमुख धर्म स्थलों तक जाने वाली सड़कों के निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये तथा राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। प्रदेश में लॉजिस्टिक पार्क को फोर लेन कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए भी धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित है। गन्ना विभाग की सड़कां के अनुरक्षण का कार्य अब पी0डब्ल्यू0डी0 द्वारा किये जाने की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण’ तथा ‘नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना’ के रूप में आज एक नई नीति घोषित की गयी है। इसके लिए बजट में 05 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत प्रदेश में नये औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के कार्य प्रारम्भ होंगे। बजट में ‘झांसी, बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण’ की व्यवस्था के लिए 05 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। पी0एम0 गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान, मल्टी मोडल कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। अटल इण्डस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में कताई मिल, स्टेट यार्न यूनिट, स्टेट स्पिनिंग मिल तथा राज्य वस्त्र निगम से जुड़ी सिक यूनिट को औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित करने तथा वहां पर नयी औद्योगिक इकाइयों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने एक पॉलिसी बनायी है। इन इकाइयों में पहले से कार्यरत कर्मचारियों के देय भुगतान के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को तकनीकी दृष्टि से सक्षम व समर्थ बनाने के लिए स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत टैबलेट/स्मार्टफोन देने के लिए इस बजट में 3600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। अब तक प्रदेश में 20 लाख युवाओं को टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किये जा चुके हैं। आगामी 05 वर्ष में कुल 02 करोड़ युवाओं को इसके साथ जोड़ा जाएगा। प्रदेश में औद्योगिक पार्कां के विकास के लिए निजी क्षेत्रों को निवेश करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ के लिए 275 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। भारत सरकार की सहायता से जनपद स्तर पर ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों के डिस्प्ले के लिए यूनिटी मॉल बनने हैं, इसके लिए भी बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत प्रदेश के परम्परागत उद्यमियों तथा कारीगरों के प्रोत्साहन तथा उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण और टूलकिट उपलब्ध कराने के लिए धनराशि की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गयी है। प्रदेश से निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए भी बजट में विशेष प्रस्ताव किये गये हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेश से कुल निर्यात 86 से 88 हजार करोड़ रुपये के बीच होता था। आज वह बढ़कर लगभग 01 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में काम करने वाले उद्यमियों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों को सुरक्षा बीमा कवर उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यमी दुर्घटना बीमा योजना’ लागू किये जाने का प्रस्ताव है। इसके तहत एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में कार्य करने वाले उद्यमियों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों की मृत्यु पर 05 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए धनराशि की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाने हेतु उनके विशेष प्रशिक्षण के लिए बजट में प्रस्ताव है। राज्य में स्टार्टअप नीति, आई0टी0 सेक्टर में इन्क्यूबेटर, सीड कैपिटल के लिए भी बजट प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश में अमरोहा, बागपत, अमेठी, सम्भल, हापुड़, वाराणसी तथा चंदौली जनपदों में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र की स्थापना के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी प्रेरणा से वर्ष 2023 अन्तर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने इसे ‘श्री अन्न’ नाम देते हुए ‘सुपरफूड’ कहा है। प्रदेश में मिलेट्स पुनरुद्धार योजना के लिए 55 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है। उच्च शिक्षा के लिए राज्य में 05 विश्वविद्यालय अथवा समकक्ष संस्थान खोलने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। इनमें कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के नाम पर कृषि विश्वविद्यालय, 03 मण्डलों, मिर्जापुर में माँ विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय, देवीपाटन मण्डल में माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय तथा मुरादाबाद में एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रस्ताव बजट में किया गया है। प्रदेश में फॉर्मास्युटिकल क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं। इसके लिए भी एक विश्वविद्यालय के समकक्ष संस्थान ‘उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट’ के निर्माण का प्रस्ताव है। प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा वॉर्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए भी बजट में प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में विगत 06 वर्ष में औद्योगिक निवेश, एम0एस0एम0ई0 के विकास तथा अन्नदाता किसानों के लिए अनेक कार्य किये गये हैं। वर्ष 2017 से मध्यस्थों की व्यवस्था समाप्त करके प्रोक्योरमेन्ट पॉलिसी के माध्यम से कृषकों से सीधे उपज क्रय की जा रही है। धान, गेहूं, दलहन, तिलहन तथा मक्का का क्रय कर उपज मूल्य का भुगतान डी0बी0टी0 के माध्यम से किसानों के खाते में किया जा रहा है। विगत 06 वर्षां में प्रदेश के गन्ना किसानों को 01 लाख 97 हजार करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है। बन्द चीनी मिलों को फिर से चलाया जा रहा है। कोरोना कालखण्ड में भी प्रदेश में चीनी मिलें चलायी गयीं। परिणामस्वरूप प्रदेश में विगत 06 वर्षां में कृषि विकास दर 03 प्रतिशत बढ़ी है। इसे हमें डबल डिजिट में ले जाना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एफ0पी0ओ0 के गठन के साथ ही एग्रीटेक स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर सेन्टर स्थापित करने के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है। इनसे प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों तथा प्रदेश के 09 क्लाइमेटिक जोन के कृषि विज्ञान केन्द्रों को सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास प्रारम्भ होंगे। टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। जनपद सहारनपुर में सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर हनी की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए 03 योजनाएं, राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही हैं। इनमें निराश्रित गो आश्रय स्थलों में 10 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के माध्यम से प्रदेश के उन सभी किसानों को जो निराश्रित गोवंश की देखभाल के इच्छुक हैं, को 04 गोवंश अनुमन्य करते हुए 900 रुपये प्रतिमाह प्रति गोवंश उपलब्ध कराये जा रहे हैं। सुपोषण योजना के अन्तर्गत उन परिवारों को जिनमें कोई माँ अथवा बच्चा कुपोषित है, उन्हें निराश्रित गो आश्रय स्थल से एक दुधारू गाय उपलब्ध करायी जाती है तथा 900 रुपये प्रतिमाह दिये जाते हैं। 15000 से अधिक परिवारों को यह सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है। निराश्रित गोवंश के अनुरक्षण के लिए इस बजट में 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। निराश्रित गोवंश के लिए नये गो आश्रय स्थल बनाने हेतु 120 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था का प्रस्ताव बजट में है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है। प्रदेश में डेयरी क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं। इन सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति के तहत दुग्ध इकाइयों की सहायता के लिए 25 करोड़ रुपये तथा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के कियान्वयन हेतु 61 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है। मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के लिए 10 करोड़ रुपये तथा निषादराज बोट सब्सिडी योजना के लिए 05 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है। कृषकों को कम ब्याज पर फसली ऋण उपलब्ध कराने के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव है। प्रदेश में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के दायरे को बढ़ाते हुए किसान के साथ ही किसान के परिवार के सदस्य तथा खेतीहर मजदूर को भी इसके दायरे में लाया गया है। इस योजना के अन्तर्गत 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ईज ऑफ लिविंग के लिए प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत अब तक 52 लाख से अधिक गरीबों को एक-एक आवास देने की कार्यवाही सम्पन्न हुई है। इस वर्ष इसके लिए 10,202 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है। प्रदेश की मुसहर, वनटांगिया, कोल, थारू, चेरू तथा सहरिया जनजातियों तथा कुष्ठ रोगियों को आवास की सुविधा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत 1,203 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गयी है। उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के सभी सदस्यों को मिलने वाली 03 करोड़ रुपये की राशि को बढ़ाकर 05 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव बजट में किया गया है। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 2478 उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों के प्रोत्साहन के लिए 85 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है। 750 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं के विकास एवं अन्त्येष्टि स्थल के लिए बजट प्रस्ताव किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गांवों के विकास में उत्तर प्रदेश के प्रवासी नागरिकों के योगदान के लिए एक नयी योजना ‘उत्तर प्रदेश मातृ भूमि योजना’ लागू की जा रही है। इसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति, जो प्रवासी नागरिक हैं, वह अपनी ग्राम पंचायत में अपने पूर्वजों के नाम पर बहुउद्देशीय भवन, कन्वेंशन सेण्टर, लाइब्रेरी या कोई अन्य निर्माण करा सकता है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को प्राप्त करने, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन तथा ‘मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना’ के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। पं0 दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। ऐसे राजकीय मेडिकल कॉलेजों, जिनमें नर्सिंग या पैरामेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो पाये हैं, वहां पर इनकी स्थापना के लिए धनराशि का प्रस्ताव किया गया है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रसाधन विभाग के माध्यम से कमिश्नरी स्तर पर मिलावट से बचाव करने के लिए एक उच्चस्तरीय लैब की स्थापना हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के अच्छे कैरियर तथा रोजगार के लिए 150 से अधिक आई0टी0आई0 को टाटा टेक्नोलॉजीज लि0 के साथ जोड़ने के बड़े कार्यक्रम हेतु बजट प्रस्तावित है। इसके माध्यम से बडे़ पैमाने पर प्रदेश के युवा शीघ्र ही, टाटा टेक्नोलॉजीज लि0 के साथ एम0ओ0यू0 किया जाएगा। प्रशिक्षित हो पाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए चलायी जा रही ‘मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप स्कीम’ के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है। पहले यह योजना सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और टेक्निकल कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए थी। बजट में इस योजना से बी0ए0, बी0कॉम तथा बी0एस0सी0 करने वाले विद्यार्थियों को जोड़ने का प्रस्ताव है। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों को वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बजट प्रस्ताव किया गया है। ‘पी0एम0 श्री योजना’ (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इण्डिया) के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। ऑपरेशन कायाकल्प के दायरे को बढ़ाने तथा राजकीय महाविद्यालयों या सहायता प्राप्त अशासकीय इण्टर कॉलेज के जर्जर भवनों के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है। संस्कृत विद्यालयों के जर्जर भवनों के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। संस्कृत विद्यालयों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप देने के लिए भी बजट प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुम्भ के लिए 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। नगर निकायों में निराश्रित गोवंश के लिए कान्हा उपवन आश्रय स्थल बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में अमृत-2 योजना से प्रदेश के 07 शहर आच्छादित हैं। इनके अलावा अन्य बड़े नगर निकायों को जोड़ने के लिए बजट में 5,616 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में पिछड़ गये, 100 आकांक्षात्मक विकास खण्डों के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य प्रारम्भ किया है। प्रदेश में विगत 05 वर्षां में नगर निकायों का दायरा बढ़ा है। आज प्रदेश में 762 नगर निकाय हैं। इनमें बहुत से नगर निकाय ऐसे हैं, जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। यहां पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इनमें से 100 नगर निकायों का आकांक्षी नगर योजना के अन्तर्गत चयन करके कन्वर्जन के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित करने हेतु एक बड़ी योजना प्रस्तावित की गयी है। इन सभी नगर निकायों में एक-एक सी0एम0 फेलो की तैनाती की जाएगी, जो इनके व्यवस्थित विकास तथा इन्हें बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित करने में योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में सर्विस सेक्टर में अपार सम्भावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन प्रदेश की बड़ी पूंजी है। इसे प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अन्तर्गत 300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव किया गया है। सहारनपुर के शाकुम्भरी देवी मन्दिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास, युवाओं को विशेष प्रशिक्षण तथा गाइड का प्रशिक्षण देने, लखनऊ में ईको टूरिज्म के विकास, बुन्देलखण्ड क्षेत्र के किलों के विकास, बौद्ध परिपथ, शुक तीर्थ (मुजफ्फरनगर) तथा नैमिषारण्य तीर्थ के विकास के लिए बजट प्रस्तावित है।
मैनपुरी को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए एक संग्रहालय की स्थापना तथा आजमगढ़ के हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय के निर्माण के लिए धनराशि का प्रस्ताव बजट में है। भारतेन्दु नाट्य अकादमी के प्रेक्षागृह के नवीनीकरण, उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारकों और पुरातन स्थलों तथा शहीद स्मारकों के निर्माण के लिए बजट प्रस्तावित है। प्रयागराज में भजन संध्या स्थल के निर्माण, मिर्जापुर में मां विन्ध्यवासिनी, मां अष्टभुजा मन्दिर तथा मां काली कोह के परिक्रमा पथ के विकास के लिए बजट प्रस्ताव किया गया है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में वेद-विज्ञान केन्द्र के द्वितीय चरण के कार्यां, सीतापुर के नैमिषारण्य में वेद-विज्ञान अध्ययन केन्द्र तथा अयोध्या में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए भी बजट प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में अगले कुछ वर्षां में वन आच्छादन को 15 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए इस बार वर्षा काल में 35 करोड़ वृक्षारोपण के लक्ष्य के लिए कार्य कर रहे हैं। लखनऊ में कुकरैल में नाइट सफारी की स्थापना के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है। यह प्रदेश की पहली नाइट सफारी होगी। इसके माध्यम से सुविधाओं को विकसित करके पर्यटन को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में महिला कल्याण की विभिन्न योजनाओं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के साथ ही पिछड़ा वर्ग की निर्धन बालिकाओं की शादी के लिए अनुदान के प्रस्ताव बजट में किये गये हैं। पहली बार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत बीमा आच्छादन से जोड़ा जा रहा है। 03 महिला पी0ए0सी0 बटालियन के गठन के लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है। प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में 12,648 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। दिव्यांगजन कल्याण के लिए 1,552 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 150 करोड़ रुपये विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अन्तर्गत 112 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में उज्ज्वला योजना के 01 करोड़ 74 लाख लाभार्थियों को दीपावली व होली पर एक-एक एल0पी0जी0 सिलेण्डर निःशुल्क उपलब्ध करवाने के लिए 3,047.48 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है। बजट के माध्यम से पुलिसकर्मियों के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ-साथ पुलिस आधुनिकीकरण की योजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार श्रद्धेय अटल जी के नाम पर प्रदेश के रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों तथा कोरोना काल खण्ड में अनाथ हुए बच्चों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 18 अटल आवासीय विद्यालयों का संचालन इस वर्ष माह जुलाई से करने जा रही है। इसके लिए बजट में धनराशि का प्रस्ताव किया गया है। ‘उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज, लखनऊ’ की स्थापना तथा उसे क्रियाशील कर पाठ्यक्रम की शुरुआत के लिए बजट प्रस्तावित किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है। उत्तर प्रदेश पर प्रकृति व परमात्मा की असीम कृपा है। टीम यू0पी0 प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लिए प्रयास कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के माध्यम से 33 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय में देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में सफल होगा।

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